Thursday, 15 November 2018

मकान जल जाता है


                  (मकान जल जाता है)
जब राजनेता कोई घिनौनी चाल चल जाता है---------
तो उससे बिहार और बंगाल जल जाता है।
सब एक दूजे को मरते-मारते है और---------
हमारे खून-पसीने से बनाया मकान जल जाता है।
जिन्हें ठीक से श्लोक नही आता,
और जिन्हें ठीक से आयत नही आती,
उन्ही के हाथो----------
शहर की पूजा और अजान जल जाता है।
कर्फ्यू में--
रेहड़ी और खोमचे वाले मजदूरो के बच्चे,
आँख मे आँसू लिये,
तकते है तवे का सुनापन सच तो ये है कि,
शहर के दंगे मे-----------
गरीबो और मजदूरो की रोटी का सामान जल जाता है।
सब एकदूजे को मरते-मारते है और----------
हमारे खून-पसीने से बनाया मकान जल जाता है।

@@@@रचयिता------रंगनाथ द्विवेदी।
जज कालोनी,मियाँपुर
जौनपुर--222002 (उत्तर-प्रदेश)।
mo.no.----7800824758

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