Wednesday, 14 November 2018

पहला सावन था

(पहला सावन था)
जब तुम भीगे थे,मै भीगी थी
वे पहला सावन था।
सिहर के तेरे सीने से,
शर्मा के लिपटी थी
वे तेरी बाँहो का,मेरी बाँहो से-----
पहला सावन था।
तुमने होंठो पे रंखा था,होंठ मेरे
वे तेरी होंठो का,मेरी होंठो पे-----
पहला सावन था।
तुम बूँद-बूँद भीगे थे,
मै साँस-साँस भीगी थी----
वे तेरी साँसो का,मेरी साँसो से
पहला सावन था।
जब तुम भीगे थे,मै भीगी थी------
वे पहला सावन था।

###आज हमारे शहर के बरसात की रोमानियत है ये।

No comments:

Post a Comment