( सावन अट्ठारह साल की लड़की है)
सावन-----------
सीधे-साधे गाँव की,
एक अट्ठारह साल की लड़की है.
भाभी की चुहल और शरारत,
बाँहों मे भरके कसना-छोड़ना,
एक सिहरन से भर उठी-------
वे सुर्ख से गाल की लड़की है.
सावन--------
सीधे-साधे गाँव की,
एक अट्ठारह साल की लड़की है.
वे उसका धान की खेतों से तर-बतर,
बारिश मे भीगते हुये,
घर की तरफ लौटना,
और उस लौटने मे उसके,
पाँव की सकुचाहट,
उफ! गाँव मे सावन--------
बहुत ही मादक और कमाल की लड़की है.
सावन---------
सीधे-साधे गाँव की,
एक अट्ठारह साल की लड़की है.
न शायर,न कवि, न नज़्म, न कविता
वे उर्दू और हिन्दी दोनो से कही ऊपर,
किसी देवता,फरिश्ते के हाथ से छुटी,
इस जमीं पे उनके--------
खयाल की लड़की है.
सावन----------
सीधे-साधे गाँव की,
एक अट्ठारह साल की लड़की है.
@@@रचयिता-----रंगनाथ द्विवेदी.
जज कालोनी, मियाँपुर
जिला---जौनपुर--222002 (उत्तर-प्रदेश).
Mo.no.-----7800824758.
यह कविता मेरी स्वरचित व अप्रकाशित है.
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