(काबुली वाला) मै रोज देखती हूँ-------- खुली खिड़की से घंटो सड़क की तरफ, ऐ,रंग----इस उम्मीद मे कि शायद-- कभी दिख जाये-------- वे मेरी बचपन का काबुली वाला।
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